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Official Website – Marwadi Mali Saini Pravasi

श्री दीपेश गहलोत
अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (Chief Vigilance Officer – CVO)
केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), मुख्यालय, नई दिल्ली

श्री दीपेश गहलोत राजस्थान के जालौर जिले के निवासी हैं तथा वर्ष 2010 बैच के भारतीय सप्लाई सेवा (Indian Supply Service – ISS) के अधिकारी हैं। वे माली (सैनी) समाज से संबंध रखते हैं।

उन्होंने वर्ष 2005 में राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, उदयपुर के कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग (CTAE) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्वर्ण पदक (Gold Medal) के साथ बी.टेक. की उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE) (वर्तमान दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय – DTU) से थर्मल इंजीनियरिंग में एम.टेक. किया।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा 1 से 8 तक राजकीय विद्यालय, राजेन्द्र नगर कॉलोनी, जालौर में तथा कक्षा 9 से 12 तक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जालौर से हिंदी माध्यम में हुई। उन्होंने वर्ष 1998 में दसवीं तथा वर्ष 2000 में बारहवीं उत्तीर्ण की।

अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत उन्होंने वर्ष 2006 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC), तिरुवनंतपुरम (केरल) में वैज्ञानिक-सी (Scientist-C) के रूप में की। वर्ष 2006 से 2009 के दौरान वे चंद्रयान-1 मिशन के मून इम्पैक्ट प्रोब (Moon Impact Probe – MIP) के विकास दल का हिस्सा रहे तथा PSLV एवं GSLV जैसे महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियानों में भी योगदान दिया।

वर्ष 2010 में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 36 प्राप्त कर भारतीय सप्लाई सेवा (ISS) में चयन प्राप्त किया। वर्ष 2010 से 2017 तक उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार में सहायक निदेशक एवं उप निदेशक के रूप में विभिन्न प्रशासनिक एवं नीतिगत दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

वर्ष 2017 से 2021 तक वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) में निदेशक के रूप में कार्यरत रहे। वे GeM पोर्टल के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे तथा भारत सरकार के इस ऑनलाइन ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने प्रशासन, नीति निर्माण, विभिन्न राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs), सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के साथ 87 से अधिक एमओयू (MoUs) तथा विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों एवं राज्यों के लिए GeM संबंधी स्थायी समिति के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य किया।

वर्ष 2022 में वे वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार में उप सचिव (Deputy Secretary Grade) के रूप में नियुक्त हुए तथा वाणिज्य भवन, नई दिल्ली के नोडल अधिकारी भी रहे।

वर्ष 2023 में उन्हें कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा चयनित 100 युवा अखिल भारतीय एवं केंद्रीय सेवा अधिकारियों में शामिल किया गया, जिन्हें G-20 सचिवालय, विदेश मंत्रालय में प्रतिनियुक्त किया गया। उन्होंने 9-10 सितंबर 2023 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित G-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण एवं अथक परिश्रम के लिए उन्हें विदेश मंत्रालय के मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी (Chief of Protocol) द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया। G-20 शिखर सम्मेलन की सफलता के उपलक्ष्य में 22 सितंबर 2023 को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित अधिकारियों में वे भी शामिल थे।

वर्ष 2022 से 2024 के दौरान उन्होंने व्यापार संवर्धन प्रभाग (Trade Promotion Division) में उप सचिव के रूप में कार्य करते हुए भारत मंडपम जैसे विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकास, MICE (Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions) परियोजनाओं तथा वर्ल्ड एक्सपो ओसाका 2025 (जापान) में इंडिया पवेलियन की तैयारियों का सफल नेतृत्व किया।

उन्हें वर्ल्ड एक्सपो ओसाका 2025 हेतु भारत सरकार के नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया। वे उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे जिन्होंने जापान में भारत की भागीदारी एवं इंडिया पवेलियन की संपूर्ण तैयारियों की निगरानी की।

वे भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में जापान गए तथा 25 से 27 जून 2024 के दौरान नारा (जापान) में आयोजित इंटरनेशनल पार्टिसिपेंट्स मीटिंग (IPM) में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने जापान के उप-राज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल तथा भारत के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के मध्य भारत-जापान व्यापार एवं औद्योगिक सहयोग संबंधी बैठकों का भी समन्वय किया।

उन्होंने माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा वाणिज्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित अनेक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठकों का संचालन एवं समन्वय किया, जिनमें विदेश मंत्रालय, जापान स्थित भारतीय दूतावास, जापान सरकार, एक्सपो प्राधिकरण तथा विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधि सम्मिलित थे।

29 अगस्त 2024 को उनका चयन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की केंद्रीय स्टाफिंग योजना (Central Staffing Scheme) के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में संयुक्त आयुक्त (Joint Commissioner) के रूप में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हुआ।

23 जून 2025 को उन्हें पदोन्नत कर अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (Chief Vigilance Officer – CVO), केंद्रीय विद्यालय संगठन, शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली नियुक्त किया गया। वे केंद्रीय विद्यालय संगठन के पदेन सचिव (Ex-officio Secretary) भी हैं।

वर्ष 2024-26 के दौरान उन्होंने भारत सरकार से 85 नए केंद्रीय विद्यालयों (दिसंबर 2024) तथा 57 नए केंद्रीय विद्यालयों (अक्टूबर 2025) की स्थापना संबंधी दो महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) स्वीकृतियाँ प्राप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वर्तमान में वे केंद्रीय विद्यालय संगठन के प्रशासनिक प्रभाग के प्रमुख हैं तथा लगभग 60,000 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों से संबंधित प्रशासन, स्थापना, वित्त, निर्माण कार्य, सतर्कता एवं कार्मिक मामलों का समग्र दायित्व संभाल रहे हैं।

अक्टूबर 2025 में कैबिनेट सचिवालय, भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) तथा नीति आयोग द्वारा उन्हें राजस्थान के टोंक जिले के पीलू ब्लॉक के लिए सेंट्रल प्रभारी अधिकारी (Central Prabhari Officer – CPO) नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति आकांक्षी ब्लॉक एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Block Programme / Aspirational District Programme) के अंतर्गत अतिरिक्त प्रभार के रूप में की गई। इस दायित्व के तहत वे टोंक जिले के पीलू ब्लॉक के समग्र विकास की निगरानी करते हैं तथा सीधे नीति आयोग, भारत सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं।

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